हमारा उद्देश्य समाज को सु संस्कृत करना है ताकि समाज अंदरूनी तोर पर विवेकशील हो वोह सही-गलत को जान कर अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक हो ताकि एक स्वच्छ समाज का निर्माण हो सके और भारत का नाम रोशन हो

इसके लिए केन्द्र निम्न प्रकार से समर्पित है

१.हर रोज की समस्याएं जैसे बीमारी,बे बरकती,घर में तनाव,बच्चों में संस्कार हीनता से मुक्ति पाने के लिए नित्य,मासिकएवं वार्षिक रूप में पञ्च महायज्ञ जीवन शैली को सिखाना एवं समय -समय पर इस सम्बन्ध में शिविर लगाना

२.जीते जी ज्ञान युक्त होकर जीवन मुक्ति को प्राप्त करने में  माला मन्त्र जप विधि,अजपा जप,ध्यान योग एवं प्रायाणाम की सरल क्रियाएँ समझा कर सहयोग प्रदान करना

३.नित्य अग्नि होत्र,मासिक यज्ञ एवं वार्षिक महायज्ञ की विधि सिखाना एवं करने में सहायता प्रदान करना

४.वर्ष में दो बार नवरात्रों के बाद जन कल्याण हेतु श्री दुर्गा शप्तशती द्वारा घोर चंडी महायग्य एवं भंडारे का निशुल्क आयोजन करवाना

५.जन साधारण को निशुल्क ज्योतिष समाधान प्रदान करना एवं वर्ष में एक बार भारत के अनुभवी ज्योतिषियों के द्वारा विशेष सम्मलेन का आयोजन कर ज्योतिष विद्या का प्रचार करना

६.समय -समय पर गीता एवं रामायण के माध्यम से ज्ञान-गोष्ठी का आयोजन करना

हमारा मुख्या उद्देश्य साधारण समाज को दान न दिलवा कर उसे अध्यात्मिक उन्नति के द्वारा कर्तव्य परायण बना कर इस योग्य बनाना की हो समाज की सेवा करे एवं इश्वर से मांगे न की किसी व्यक्ति विशेष से