Welcome to Prashakti Kripa Kendra

आज के वर्तमान समय में सम्पूर्ण समाज “सुख-दुःख” के अंतर्गत जीवन बिता रहा है असीमित सुविधाओं के होने के बाद भी किसी न किसी प्रकार एक सुखद परिस्थिति के लिए कामना करता रहता है और इसे प्राप्त करने के लिए तरह-तरह के तन्त्र-मन्त्र-यंत्र-सुझाव अपनाता रहता है यहाँ तक की !! इशवर !! जो की परम सत्ता है को भी अपनी स्वार्थ पूर्ति का माध्यम बना लेता है .....जबकि दूसरी और आज से 50-60 वर्षों पहले वर्तमान सुविधाओं का पूर्ण आभाव था रोजी-रोटी के साधन बहुत अल्प थे परन्तु मनुष्य संतुष्ट एवं निस्वार्थी समाज सेवक था संस्कारित परिवार थे व्यर्थ की चिंता नहीं थी भ्रष्टचार,दुराचार इत्यादि कुरीतियाँ समाज में नहीं थी हर तरफ एकता भाईचारा था बड़ों में सहनशीलता बच्चों में आदर-सम्मान करने के संस्कार थे जिस कारन भारत वर्ष को विश्वगुरु माना जाता था ..आखिर क्या था उस समय जो आज नहीं है ! यदि धर्म की बात करें उस समय कोई धरम प्रचारक नहीं थे और आज कोई कमी नहीं यदि मंदिरों की बात करें आज हर चोराहे पर मंदिर हैं उस समय केवल शक्ति/शैव स्वयम्भू मन्दिर थे हस्पताल कम थे तो बीमारियाँ भी नहीं थी ग्रह नक्षत्र उस समय भी प्रभावी थे परन्तु ज्योतिष कार्यालय नहीं थे काल सर्प योग एवं पित्री दोष को जानते भी नहीं थे और आज 100 में से 95 पत्रियों में यह योग का निर्माण देखने को मिलता है  आखिर  इतना अंतर क्यूँ इसे स्पष्ट करने के लिए ही इस वेबसाइट का निर्माण हुआ है आप भी जुड़ सकते हैं ये सम्पूर्ण सुझाव प्रक्रिया पूर्ण तय निशुल्क है आज भी एवं भविष्य में भी निशुल्क रहेगी...........

हरी ॐ तत्सत

आपका सेवक वैदिक महर्षि डॉ बलविंदर अग्रवाल (ज्योतिष विद्याश्री,ज्योतिष भास्कर,राष्ट्रिय ज्योतिष सारस्वत,पीएचडी++ +++++++ super category life member of international fedration of astrology and spiritual science chandigar and srilanka)+   

Aim & objects:
1. To spread over  vedic Sanskriti in India & abroad
2. To help weaker sector of society by teaching the lesson of yagya’s  to impowered with the grace of God & across the difficulties of life
3. to teach the lessons of vedic sanskriti in schools & colleges to form moral standard of students  to become india as dharm guru in world
4. By helping needfulls  by providing foods books 7 clothings.

 

Achievements

1.Awards of “Super Category Membership & PMIFA (S) with gold Medal” for spiritual sciences for the cause of human welfare from international fedration of Astrology & spiritual science India, srilanka ,Nepal ,Bangladesh, Australia , Ireland, U.S.A. & Canada.

2 Award of “Jyotish Maharishi” from Kashi.

3 Award of “Vastu Vidya Visharad” with “gold Medal” from Bhartiya vedic Jyotish sansthanam Varanasi.

4 Award of “Vastu Ratna shri" from Varanasi.

5 Upadhi of “Vedic Rishi “ awarded in tritya akhil bhartiya jyotish sammelan maharishi bhrigu shabhagar paladin, Ahmedabad (Gujrat).

6 Daivgya of “Panch mahayagya” invented from veda (Base of Hindu Mythology).

7 “Acharya in Karamkand” from shanti kunj Haridwar.

8 “The founder director "Prashakti Kripa kendrashiv Mandir, Vill. Dakolor (New Rampur Bushahar). Distt. Shimla(HP) Pin -172001

9 “Prashakti kripa Purn Bhakti yog specialist

10.Degree of P.H.D. as DOCTRATE on panchmahaygya and astrological invention releting "pitri dosh & kaal sarp yog" 

११. २६ मई २०१३ को वृन्दावन में भारतीय वेदिक ज्योतिष संस्थान द्वारा ज्योतिष सम्मेल्लन मं मुख्या अतिथि क रूप में सम्मानित किया गया !

12. 18 अगस्त २०१७ को मुजफरनगर से "धर्म गुरु" की उपाधि से सम्मानित किया गया !

About " PANCH MAHAYAGYA " 

"PANCH MAHAYAGYA" is hindrance "free" way of life.

(Hindu tradition has the Pancha Mahayagyas ("Five Great Yajnas", Taittiriya Aranyaka 2.10). These sacrifices are to be performed daily by all "householders" (married couples) daily to best of one's ability)

 

 

Contact Details

Vedic Maharishi Dr.Balwinder Aggarwal

9779200432,904141441. out of countary +1647-243-8644.0172-5015432

Parashakti Kripa Kendra

#9,prashakti kunj.kailash avenue,naya gram.(chandigarh)distt. mohali.p.b

Email:prashaktikripakendra@gmail.com

corporate office :- scf. 7/f sector 27.C Chandigarh-160019.

 

 

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Prashakti Kripa Kendra is dedicated to MY PARENTS
Prashakti Dham Vasi Sh. Hansraj Aggarwal & Smt. Kalavati Aggarwal